प्रस्तावना
माता सीता, जिन्हें जानकी के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय महाकाव्य रामायण की एक प्रमुख पात्र हैं। उनका जीवन और उनके कार्य सदियों से लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। यहाँ हम माता सीता के जीवन के कुछ महत्वपूर्ण क्षणों पर प्रकाश डालेंगे।
माता सीता का जन्म और बाल्यकाल
माता सीता का जन्म मिथिला के राजा जनक की पुत्री के रूप में हुआ था। उन्हें धरती से पाया गया था, और इसलिए उन्हें ‘भूमि देवी’ भी कहा जाता है। उनके बाल्यकाल का समय ज्ञान, धर्म और संस्कारों से भरा हुआ था। बचपन से ही सीता ने उत्कृष्ट गुण विकसित किए और उन्होंने अपने माता-पिता का आदर्श स्थापित किया।
श्री राम के साथ जीवन यात्रा
रामायण में माता सीता और श्री राम के संबंधों का अद्वितीय वर्णन मिलता है। उनका विवाह भव्य राक्षस रावण के विरुद्ध युद्ध की पृष्ठभूमि में हुआ। जब रावण ने सीता का अपहरण किया, तब राम ने पूरी दुनिया में उन्हें खोजा। यह कहानी न केवल प्रेम के प्रतीक के रूप में मानी जाती है, बल्कि यह सच्चाई और धर्म की विजय की भी गाथा है।