माता सीता हिन्दू धर्म में भगवान श्री राम की पत्नी और भूमि देवी की अवतार रूपा पुत्री के रूप में पूज्य हैं। उन्हें धैर्य, भक्ति और मर्यादा की देवी माना जाता है।

⭐ माता सीता का परिचय
- जन्म और उत्पत्ति
- माता सीता का जन्म जनकपुर, मिथिला में हुआ।
- उन्हें भूमि देवी (पृथ्वी माता) का अवतार माना जाता है।
- राजा जनक ने सीता को लौह-हाथी या हल उठाने की कुदृष्टि से प्राप्त किया।
- पति – भगवान श्री राम
- माता सीता भगवान राम की पत्नी और अर्धांगिनी हैं।
- उनका विवाह राम और सीता का स्वयंवर के माध्यम से हुआ।
- विशेषताएँ और गुण
- धैर्य और त्याग: वनवास, रावण के साथ 14 वर्ष, संकटों में स्थिर।
- भक्ति और समर्पण: भगवान राम के प्रति पूर्ण भक्ति।
- सौंदर्य और सादगी: शील और मर्यादा का प्रतीक।
- महत्व
- माता सीता को आदर्श पत्नी, आदर्श पुत्री और आदर्श महिला माना जाता है।
- उनका जीवन धर्म, मर्यादा, त्याग और भक्ति का प्रतीक है।
⭐ माता सीता के अन्य नाम
- सीता
- जानकी
- माया
- वामिका
- धरित्री